शासकीय/स्वशासी चिकित्सक महासंघ के आव्हान पर यह हड़ताल होगी। दरअसल, महासंघ द्वारा पीएसीपी लागू करने, पुरानी पेंशन बहाली, मेडिकल के काम में प्रशासनिक अधिकारियों की दखलअंदाजी बंद करने सहित अन्य मांगों को लेकर 17 फरवरी को भी हड़ताल की गई थी। उस समय हड़ताल शुरू होते ही शासन के आश्वासन के बाद तीन घंटे में हड़ताल खत्म हो गई थी, लेकिन आश्वासन के बाद दो माह बीतने पर भी मांगों को निराकरण नहीं हुआ है।
सरकार के इस रवैये से नाराज डॉक्टरों में एक बार से हड़ताल पर जाने का एलान किया है। जिला अस्पताल सहित जिलेभर के सभी शासकीय अस्पतालों के डाक्टर हड़ताल पर चले जाने से मरीजों को भारी परेशानियां होंगी