नीमच। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह आज नीमच जिले के प्रवास पर है।  सिंह यहाँ कांग्रेस के मंडलम अध्यक्ष, सेक्टर प्रभारियों और जिले के कांग्रेस नेताओ सहित कार्यकर्ताओ की बैठक लेकर मार्गदर्शन दे रहे हैं। दिग्विजय सिंह के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर निखरा, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और जिला कांग्रेस प्रभारी नूरी खान भी जिले के कांग्रेस जनों से रूबरू हो रहे हैं। दिग्विजय सिंह पार्टी मीटिंग से पहले  आज शनिवार को प्रातः 10 बजे जावद आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने भाजपा शासन को भ्रष्टाचार का मुख्य केंद्र बताया। साथ ही सरकारी मशीनरी का अपने फायदे के लिए उपयोग करने का आरोप भी लगाया। सिंह ने जावद विधानसभा के विधायक और मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाये और उन्हें आड़े हाथो लिया। सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरेंद्र कुमार सखलेचा का अलग रुतबा था। वे साफ़ और स्वच्छ छवि के नेता थे। उनके काम करने का तरीका भी अलग था। लेकिन उनके सुपुत्र और मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा पूरी तरह से अलग है और विपरीत है। मंत्री सखलेचा पूरी तरह से व्यावसायिक हो गए है। उनके इस रूप के कारण विधानसभा के पंच, सरपंच और जनपद अध्यक्ष का पद भी कमर्शियल हो चूका है। सरपंचो से निर्माण राशि के नाम पर वसूली की जा रही है। यह इस क्षेत्र का नहीं बल्कि पुरे प्रदेश में हर पंचायत में ऐसा चल रहा है। पैसा पंचायत मंत्री और सीएम तक पहुँच रहा है। भाजपा शासन में एक मैन्यू कार्ड बना हुआ है कि इतना प्रतिशत दो और आर्डर ले जाओ। सिंह ने कहा कि जब जावद जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण को लोकायुक्त पुलिस 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है तो जनपद अध्यक्ष के ऊपर प्रशासनिक कार्यवाई क्यों नहीं हुई। जिला कलेक्टर के पास अधिकार है कि रिश्वत के आरोपी पर धारा 40 के अंतर्गत कार्यवाई कर पद से पृथक किया जा सकता है तो आज तक वो पद पर कैसे बने हुए है। सिंह ने आगे कहा कि मैं मंत्री सखलेचा, पंचायत मंत्री और सीएम से सवाल करता हूँ कि भ्रष्टाचार में लिप्त जनपद अध्यक्ष को पद से पृथक क्यों नहीं किया गया। सकलेचा से प्रश्न है कि इस व्यक्ति से उनका सम्बन्ध वांछनीय है या अवांछनीय। अगर अवांछनीय है तो उसका समर्थन बंद करे और पद से पृथक करवाए। नहीं तो समझा जाएगा की इसमें उनका भी हिस्सा है। सिंह ने आगे प्रशासनिक अमले को लेकर भी भाजपा पर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का व्यवसायीकरण भाजपा का काम करने का तरीका। भाजपा के राज में खुद खाओ और खूब खिलाओ का सिस्टम चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी कहते है कि न खाऊंगा न खाने दूंगा लेकिन हो इसका उल्टा रहा है। देश और प्रदेश में खाओ और खिलाओ की सरकार चल रही है। खुलेआम अजा/अजजा के पट्टे निरस्त किए जा रहे है। कलेक्टर से दबाव में भाजपा समर्थित बड़े लोगो को शासकीय पट्टे बेचने की स्वीकृति दिलवाई जा रही है। सब और भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है। पंचायत सचिव भी इससे अछूते नहीं है। अभी हाल में ही जावद विधानसभा के सचिव प्रेमचंद माली को गिरफ्तार किया गया है। वो भी भाजपा का खुला समर्थन करते है। सवाल का जवाब देते हुए दिग्विजयसिंह ने कहा कांग्रेस की सरकार गुटबाजी से नहीं गई, बल्कि रुपए के लालच में गई है। राजा-महाराज बिक गए। किसान, गरीब व अनुसूचित जाति जनजाति के लोग नहीं बिके, वे आज भी कांग्रेस के साथ है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रजातांत्रिक पार्टी है, इसमें सभी के राय मशवरे से निर्णय लिए जाते है। कांग्रेस में उम्‍मीदवार चुनने से पहले हर तरह की समीक्षा की जाती है। सबसे पहले नीचले स्‍तर से प्रस्‍ताव मांगे जाते है, फिर प्रदेश स्‍तर पर चयन समिति बैठती है, फिर केंद्र स्‍तर पर चयन व स्‍क्रेनिंग समिति बैठती है। उसके बाद उम्‍मीदवार का चयन होता है। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर निखरा, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, जिला कांग्रेस प्रभारी नूरी खान, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल चौरसिया, पूर्व विधायक नंदकिशोर पटेल, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजित कांठेड़, सत्यनारायण पाटीदार सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस जन और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।