नीमच। शहर व् आसपास के नगर व् कस्बो में आईपीएल सट्टा कारोबार चरम पर है। हर साल आईपीएल सीजन में नीमच में सटोरिये पूरी तरह से सक्रीय रहते है। इस बार भी सट्टा जोरो पर चल रहा है। लगभग दो सप्ताह न होने को आये है आईपीएल को लेकिन अभी तक शहर में पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही देखने को नहीं मिली है। चंद नोटों के लिए इस कारोबार पर कभी अंकुश नहीं लग सका। जिले के नजदीक ही राजस्थान सीमा में जाकर ये अपना नेटवर्क चला है। ऐसा नहीं है की इन सटोरियों की कुंडली पुलिस के पास नहीं है। आज भी वही लोग क्रिकेट के सट्टे में लगे है जिन पर पूर्व में सट्टे के प्रकरण दर्ज हो चुके है। अब ये अपने अपने हिसाब से समीकरण बिठाकर बेखौफ सट्टा चला रहे है। इसका नतीजा लोगों की बर्बादी के रूप में सामने आ रहा है। जिस तरह क्रिकेट में दिलचस्पी रखने वाले दिन ब दिन बढ़ रहे हैं, उसी तादाद में क्रिकेट पर सट्टा लगाकर रातों रात करोड़पति बनने का ख्वाब भी कई युवाओं ने पाल रखा है। सट्टे के इस भंवर में पनपने वालों से बर्बादी की कगार पर आने वालों की संख्या चौगुनी हो चुकी है। सट्टेबाजों ने बेवसाइट से एप तक बनवा लिए हैं, जिसमें बाकायदा सट्टा लगवाने से लेकर ऑनलाइन भुगतान तक कराया जा रहा है। यह काला कारोबार अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। क्योंकि सट्टेबाज अब सड़क पर नहीं बल्कि ऑनलाइन यह काला कारोबार कर रहे हैं। ऐसे वेबसाइट और एप को ट्रेस करना ही चुनौती है। सट्टा माफियाओं के गुर्गे क्रिकेट पर सट्टे के कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं। गुर्गों के जरिये ऑनलाइन सट्टा लगवाया जा रहा है। उनके गुर्गे शहर के हर इलाके में है। कम समय में अधिक पैसा कमाने की लालसा कभी-कभी पूरे परिवार के लिए दु:खदाई साबित होती है। युवा पीढ़ी में कुछ लोग अधिक पैसा कमाने के लिए आईपीएल जुआ, सट्टा तथा गद्दियों पर चल रहे एमसी एक्स पर पैसा लगा रहे हैं। जिससे जिले में अनेक परिवार बर्बाद हो गए हैं। जब कि काफी परिवार पलायन कर चुके हैं। जिले में यह काला धंधा काफी तेजी से पनपा है। क्रिकेट के आईपीएल मैच पर सट्टा खेलने के शौकीनों से पैसे वसूल किए जाते हैं तथा जरूरत होने पर कई गुना रकम पर ब्याज पर रकम उधार दी जाती है, जिससे ज्यादातर जुआरी बर्बाद हो जाते हैं। उनके साथ ही उनके परिवार भी इससे प्रभावित होते हैं। आईपीएल सट्टे में जितना पैसा लगता है उसका हिसाब शहर के सभी बुकी दिन निकलने से पहले कर लेते हैं। सट्टे में लगने वाली रकम का दूसरे शहरों के बुकी से हवाला के जरिए लेन-देन होता है। एक ओर जहां सट्टा बढ़ा, वहीं दूसरी ओर हवाला का काम करने वालों के भी दिन फिर गए हैं। शहर के कुछ बुकी ऐसे हैं जो तीन साल में करोड़ों के आसामी बन गए। गौरतलब है कि क्रिकेट मैच में आईपीएल क्रिकेट का विशेष महत्व माना जाता है। टी-20 मैच के आधार पर शहर में एक-एक गेंद पर सट्टा लग रहा है, इस समय शहर में चारों ओर इस सट्टे का बोलबाला है। नवागत जिला पुलिस पुलिस कप्तान से पूरी उम्मीद है कि सट्टेबाजों पर बड़ी कार्यवाही होगी।