IAS Neha Meena: सिविल सर्विस डे 2025 के मौके पर 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर से चुने गए 16 बेहतरीन प्रशासनिक अधिकारियों को "प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार" से सम्मानित किया। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले की कलेक्टर नेहा मीना को यह सम्मान उनके प्रभावशाली कार्यों और नवाचारों के लिए मिला है। प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र झाबुआ को पिछड़ा माना जाता था, लेकिन नेहा मीना के प्रशासनिक नेतृत्व में जिले ने तेजी से सकारात्मक बदलाव देखे। उनकी "मोती आई पहल", जो कि एक समुदाय आधारित कुपोषण उन्मूलन मॉडल है, ने जिले में गंभीर कुपोषण की स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार लाया है।

राजस्थान से झाबुआ तक का सफर

नेहा मीना मूल रूप से राजस्थान के मारवाड़ जंक्शन की रहने वाली हैं। वे 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं और मध्य प्रदेश कैडर में कार्यरत हैं। उन्होंने इकॉनोमिक्स में एमए किया है और प्रशासनिक सेवा की ट्रेनिंग मसूरी में पूरी की थी। नेहा के पिता चिमन सिंह मीणा और माता कृष्णा देवी मीणा हैं, जबकि उनकी बहन डॉ. शकुंतला मीणा एक पूर्व प्राचार्या रह चुकी  हैं।

सम्मानों की लंबी सूची

नेहा मीना को इससे पहले भी कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। उनका "चुनावी काका-काकी" वाला नवाचार मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में काफी चर्चित रहा। साथ ही, नेहा मीना अक्सर स्कूलों व हॉस्टलों में स्वयं शिक्षिका बनकर छात्राओं को पढ़ाती हैं, जिससे वे छात्राओं में काफी लोकप्रिय हैं।

महिला नेतृत्व का बढ़ता प्रभाव

यह पहला अवसर है जब मध्य प्रदेश के 12 जिलों की कमान महिला कलेक्टरों के हाथ में है। नेहा मीना जैसे अधिकारियों के कार्य देश भर में महिला नेतृत्व की एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं।