✍️राकेश मीणा वरिष्ठ पत्रकार
*कोटा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आदिवासी समाज सहित देशभर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित देश की पहली निजी आदिवासी यूनिवर्सिटी—जय मीनेश आदिवासी यूनिवर्सिटी (JMAU), रानपुर, कोटा ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, व्यावसायिक एवं शोध पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप आधुनिक पाठ्यक्रमों के साथ कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।*
*विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फिनटेक, विधि, प्रबंधन, विज्ञान, कृषि, पशुपालन, योग एवं शोध के क्षेत्रों में अध्ययन के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।*
*60 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश*
*विश्वविद्यालय में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स (एआई एवं फिनटेक), बीबीए, बीसीए, बी.आर्क., बीए-एलएलबी (इंटीग्रेटेड), एलएलबी, बीबीए-एलएलबी, एलएलएम, एमए, एमएससी, एमकॉम, एमबीए, पीएचडी, योग विज्ञान, लाइब्रेरी साइंस, होटल मैनेजमेंट, फायर एंड सेफ्टी, कंप्यूटर साइंस, फिजियोथेरेपी, फिजिकल एजुकेशन, पशुपालन एवं वेटरनरी से संबंधित अध्ययन, कृषि एवं अन्य रोजगारपरक डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।*
*कॉमर्स संकाय के अंतर्गत बीकॉम ऑनर्स (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं फिनटेक) विशेष आकर्षण का केंद्र है। इसके अलावा एमकॉम में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, अकाउंटेंसी एंड बिजनेस स्टैटिस्टिक्स तथा इकोनॉमिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड फाइनेंशियल मैनेजमेंट जैसी विशेषज्ञताओं के साथ अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। शोध के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों में पीएचडी भी संचालित की जा रही है।*
*NEP-2020 आधारित आधुनिक शिक्षा व्यवस्था*
*विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। यहां क्रेडिट बेस्ड सेमेस्टर सिस्टम, प्रोजेक्ट आधारित अध्ययन, इंटर्नशिप, रिसर्च एवं स्किल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस किया गया है, ताकि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ रोजगार के लिए भी तैयार हो सकें।*
*100 प्रतिशत प्लेसमेंट सहायता का दावा*
*विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए उद्योगों, संस्थानों एवं विभिन्न कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी विशेष कक्षाओं का संचालन किया जाता है।*
*आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिसर*
*विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के लिए बालक एवं बालिका छात्रावास, वाई-फाई कैंपस, आधुनिक कंप्यूटर लैब, समृद्ध केंद्रीय पुस्तकालय, स्मार्ट क्लासरूम, परिवहन सुविधा, खेल मैदान, योग एवं फिटनेस गतिविधियां तथा एआई आधारित अतिरिक्त डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), स्काउट-गाइड, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों का भी नियमित आयोजन किया जाता है।*
*मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति*
*विश्वविद्यालय में राज्य एवं केंद्र सरकार के नियमानुसार पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त कक्षा 12वीं में 65 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की ओर से 25 प्रतिशत मेरिट स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी।*
*कम फीस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा*
विश्वविद्यालय का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा से जोड़ना है। इसी सोच के तहत कई पाठ्यक्रमों की फीस अन्य निजी विश्वविद्यालयों की तुलना में किफायती रखी गई है। कॉमर्स संकाय के अंतर्गत बीकॉम ऑनर्स (एआई एवं फिनटेक) की फीस 3500 रुपये प्रति सेमेस्टर तथा एमकॉम की फीस 5000 रुपये प्रति सेमेस्टर निर्धारित की गई है।
प्रवेश प्रक्रिया जारी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर भी प्रवेश संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सीमित सीटों के कारण समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है।