नीमच। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाना के सख्त निर्देशों के बाद उज्जैन जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक उमेश जोगा के मार्गदर्शन में, नीमच पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने एक विशेष अभियान छेड़ रखा है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने सिर्फ ड्रग तस्करों को पकड़ा ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों का भी पता लगाया है।
मादक पदार्थ तस्करों की कमाई पर नीमच पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तस्करों और उनके परिजनों की करीब 21 करोड़ 10 लाख 21 हजार 714 की से ज्यादा की अवैध चल-अचल संपत्तियां फ्रीज की हैं, जिससे ड्रग तस्करों में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई के दायरे में वे संपत्तियां आईं, जिन्हें तस्करों ने नशे के कारोबार से कमाई करके खरीदा था।  पुलिस ने 8 मामलों को सक्षम अधिकारी, सफेमा (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators (Forfeiture of Property) Act 1976), मुंबई के न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के बाद,सफेमा अधिकारी ने 05 बड़े तस्करों की ₹17 करोड़ 11 लाख 17 हजार 675 की संपत्ति तुरंत फ्रीज करने के आदेश जारी कर दिए। ये वो तस्कर हैं जिन पर एनडीपीएस एक्ट के 27 गंभीर मामले दर्ज हैं। बाकी तीन मामले मुंबई की SAFEMA कोर्ट में लंबित हैं, जिनमें जल्द फैसला आने की उम्मीद है। जिन पर एनडीपीएस एक्ट के 07 प्रकरण दर्ज हैं। जल्द ही इन पर भी फैसला आने की उम्मीद है
नीमच पुलिस का कहना है कि हर तस्कर की संपत्ति की जांच व्यापक स्तर पर की जाती है। किस तस्कर ने कब, कितनी राशि से कहां संपत्ति खरीदी इसकी पुष्टि के बाद ही SAFEMA के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है। जांच में यह बात सामने आई कि कई तस्करों ने काली कमाई से घर, दुकान, खेत और वाहन खरीदे थे।  साल 2024-25 में, पुलिस ने 34 एनडीपीएस (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट के मामलों में शामिल 08 कुख्यात तस्करों और उनके परिवारजनों को चिन्हित किया। वित्तीय जांच में सामने आया कि इन्होंने 21 करोड़ 10 लाख 21 हजार 714 की अवैध संपत्तियां जुटा रखी थीं। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने साफ कर दिया है कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त अपराधियों के खिलाफ इस तरह की कठोर और निर्णायक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश में ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सफलता की एक बड़ी मिसाल है, जो तस्करों के हौसले पस्त करने का काम करेगी।