चित्तौड़गढ़। 13 साल की बच्ची और उसकी मां पर एक युवक ने एसिड से हमला कर दिया। आरोपी की पहचान एमपी के महू, इंदौर निवासी इस्माइल (28) पुत्र मोहम्मद हारून के रूप में हुई है। जीआरपी थाना अधिकारी अनिल देवल ने बताया कि शनिवार सुबह हॉस्पिटल चौकी से सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़की और उसकी मां पर एसिड अटैक हुआ है। इसमें बच्ची की एक आंख खराब हो गई, वहीं दूसरी आंख भी 90 प्रतिशत झुलस गई है। सूचना पर जाब्ता मौके पर पहुंचा। पीड़ित मां-बेटी से पूछताछ की गई और प्लेटफॉर्म पर मौजूद स्टॉल संचालकों से भी जानकारी जुटाई गई। इसके अलावा रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला गया। इस पूरे ऑपरेशन में आरपीएफ ने भी सहयोग किया है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान की गई और तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आरोपी को ऑटो में बैठते हुए देखा गया। ऑटो की पहचान कर उसकी भी पहचान की गई। पुलिस ने चंदेरिया इलाके में खंडहरों में बैठे हुए आरोपी इस्माइल को धर दबोचा। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी रेलवे का पूर्व कर्मचारी था। वह अटेंडर के पद पर कार्यरत था। पुलिस ने बताया कि आरोपी इस्माइल के खिलाफ इंदौर में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहां से उसकी आपराधिक बैकग्राउंड की जानकारी मंगवाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी की पीड़िता पर गलत नजर पड़ गई थी और जब उसे टोका गया तो उसने आक्रोश में आकर हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण करवाया। कार्रवाई वाली इस टीम में जीआरपी अजमेर से इंस्पेक्टर अर्पण चौधरी, जीआरपी उदयपुर थानाधिकारी गोरधनसिंह, चित्तौड़गढ़ जीआरपी के एएसआई गिरधारीसिंह, धुलजी तिरगर, करणसिंह, हेड कांस्टेबल सुमेर सिंह, मनोहर सिंह, सांवर सिंह, रुद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल प्रहलाद, यूसुफ मोहम्मद, गोपाल लाल, पवन कुमार, यशपाल सिंह, महिला कांस्टेबल विध्याकंवर, आरपीएफ के विक्रम सिंह, जयप्रकाश यादव, नरेश कुमार शामिल थे। जीआरपी थानाधिकारी अनिल देवल ने बताया कि एक महिला परिवादी ने 25 अप्रैल को जुबानी सूचना दी थी वह मांग कर भरण पोषण अपने परिवार के लिए करती है। 25 अप्रैल को अजमेर से जोधपुर-इंदौर से आए थे। वह, उसके पति गरीब व तीन बच्चों के साथ एक माह पूर्व रमजान माह में गांव से निकले थे। रेल से रवाना होकर बारां,अंता, कोटा,फुलेरा में चार पांच दिन रूके। अजमेर पहुंच कर तीन दिन रूके थे। वहां से चित्तौड़गढ़ आए थे। पीड़ित मां-बेटी मूल रूप से दमोह, मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। उनके अनुसार,ईद से पहले वे दमोह से अजमेर आए थे और वहां कुछ दिन रहने के बाद दो दिन पहले ही चित्तौड़गढ़ पहुंचे थे। चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन के 4 नंबर प्लेटफॉर्म पर वे अस्थायी रूप से ठहरे हुए थे। उसी दौरान आरोपी इस्माइल भी प्लेटफॉर्म के आसपास घूमता नजर आता था। रविवार मां-बेटी शौच के लिए प्लेटफॉर्म से थोड़ी दूर गईं। तभी आरोपी भी उनके पीछे-पीछे वहां पहुंच गया और महिला की ओर बढ़ा। बालिका ने उसे रोका और वहां से जाने के लिए कहा तो आरोपी भड़क उठा। उसने अपने बैग से एसिड की बोतल निकाली और बच्ची के चेहरे पर फेंक दिया। मां जब अपनी बेटी को बचाने आई तो उस पर भी एसिड फेंक दिया। घटना के तुरंत बाद एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री) की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से नमूने इकट्ठा किए और आरोपी के बैग की भी तलाशी ली गई। तलाशी में आरोपी के बैग से मिर्ची पाउडर और अतिरिक्त एसिड की बोतल बरामद हुईं। इससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी आपराधिक इरादे से प्लेटफॉर्म पर घूम रहा था।  दोनों को तुरंत जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया । नाबालिग का इलाज विशेष निगरानी में जारी है।